लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की दस्तक के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। कई जिलों में हुई छिटपुट बारिश का असर ज्यादा देर तक नहीं टिक सका, जिसके चलते वातावरण में नमी बढ़ गई है और लोगों को दिनभर चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक और लगातार बारिश की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
प्रदेश के कुछ इलाकों में गुरुवार और शुक्रवार तड़के बारिश दर्ज की गई, लेकिन इसका दायरा सीमित रहा। बारिश रुकने के बाद उमस और अधिक बढ़ गई। राजधानी लखनऊ में भी शुक्रवार सुबह कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई, मगर दिन चढ़ने के साथ ही तेज उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
लखनऊ में 34.3 डिग्री पहुंचा तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है। आर्द्रता का स्तर 71 प्रतिशत तक पहुंचने से लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा।
पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 5 और 6 जुलाई को बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है, हालांकि बारिश के आसार कम बताए गए हैं। वहीं 7 से 9 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
प्रयागराज में भी नहीं मिली राहत
प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल प्रयागराज में भी मौसम ने लोगों को खास राहत नहीं दी। शुक्रवार को सिविल लाइंस और कटरा समेत कुछ क्षेत्रों में करीब 10 से 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई, लेकिन इसके बाद फिर उमस भरी गर्मी लौट आई।
शहर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही जारी रही, लेकिन उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे।
छह दिन तक गरजेंगे बादल, बारिश सीमित रहने के संकेत
मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 जुलाई से अगले छह दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। 4, 5 और 6 जुलाई को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है।
इसके बाद 7, 8 और 9 जुलाई को भी बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन व्यापक मॉनसूनी बारिश के संकेत अभी नहीं हैं।
उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
शुक्रवार सुबह बादलों की आवाजाही के बीच आर्द्रता का स्तर 86 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे उमस बेहद ज्यादा महसूस की गई। घरों में पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हुए। शाम तक आर्द्रता घटकर 63 प्रतिशत रही, लेकिन चिपचिपी गर्मी का असर बना रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में मामूली गिरावट जरूर दर्ज हुई है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण उमस से राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।
